सरस्वती वंदना
Saraswati Vandana
सुखद सुहासिनी, सुमधुर भाषनी - 2
सिद्धि रूप वरदानी.....
नाद रूप हे, दिव्य दर्शिनी - 2
मोहे मुनि जन ज्ञानी
वीणा वादिनी, परम सुहावनी
बस हे सदा मम वाणी
हंस विराजिनी, सब गुण साजिनी
धवल रूप कल्याणी
शत्-शत् बार प्रणाम शारदे
जय जय जय कल्याणी